AI शिक्षक प्रशिक्षण में उत्तराखण्ड ने रचा इतिहास

देहरादून : उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित ‘एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट-2026’ में दुनिया के छह सर्वश्रेष्ठ नवाचारों में स्थान मिला है। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में 47 देशों और छह महाद्वीपों से आई 630 परियोजनियों के बीच उत्तराखण्ड के मॉडल ने अपनी अलग पहचान बनाई। इस सफलता के बाद उत्तराखण्ड का यह मॉडल अब वैश्विक स्तर पर भी उपयोग में लाया जाएगा। एक सितंबर से इसे यूनेस्को के ग्लोबल इंपावरमेंट प्रोग्राम के तहत विभिन्न देशों के साथ साझा किया जाएगा, जिससे अन्य देश भी एआई आधारित आधुनिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली विकसित कर सकें।

एससीईआरटी ने इस परियोजना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पर आधारित व्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार की है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप दक्ष बनाना है। राज्यभर में 49 हजार से अधिक शिक्षकों ने इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया, जिनमें 47 हजार से अधिक शिक्षकों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की गई।

इस अभियान में प्रदेश के 15 हजार से अधिक विद्यालय शामिल हुए, जो राज्य के लगभग 97 प्रतिशत स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। व्यापक भागीदारी ने इस पहल को उल्लेखनीय सफलता दिलाई।

 

कम लागत में प्रभावी डिजिटल व्यवस्था बनी पहचान

एससीईआरटी के इस मॉडल में ‘ई-सृजन’ एआई संवाद सहायक, विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग, केंद्रीकृत डैशबोर्ड से प्रशिक्षण प्रबंधन तथा कम खर्च में प्रभावी डिजिटल संचालन जैसी विशेषताओं को शामिल किया गया है। इन्हीं नवाचारों के कारण इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

इस उपलब्धि का श्रेय एससीईआरटी की निदेशक वंदना गर्ब्याल, एआई समन्वयक एवं विज्ञानी रमेश बडोनी, उनकी टीम तथा राज्यभर के हजारों शिक्षकों को दिया जा रहा है, जिनके सामूहिक प्रयासों से उत्तराखण्ड का मॉडल वैश्विक मंच तक पहुंचा।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एससीईआरटी का एआई आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल यूनेस्को के ग्लोबल इंपावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। इससे यह सिद्ध हुआ है कि भारत की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशिक्षण और समावेशी शिक्षा मॉडल वैश्विक स्तर पर भी प्रभावशाली साबित हो रहे हैं।

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