जल्द आम जनता के लिए खुलेगा बागनाथ संग्रहालय, डीएम अपूर्वा पाण्डे ने किया निरीक्षण

  • सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सही इतिहास के दस्तावेजीकरण पर दिया विशेष जोर

बागेश्वर। जनपद की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित और जनसामान्य तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में विकसित किए गए बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र ही आम जनता के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। गुरुवार को जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने संग्रहालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं अवशेष कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रतिमाओं के साथ प्रदर्शित होगी प्रामाणिक ऐतिहासिक जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संग्रहालय में स्थापित प्रत्येक प्रतिमा के साथ उसका विस्तृत परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक महत्व स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। उन्होंने कहा कि आगंतुकों को सही और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें।

सही इतिहास का संरक्षण भी उतना ही जरूरी

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण तभी सार्थक माना जाएगा, जब उनका वास्तविक इतिहास भी सही स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं एवं संग्रहालय में प्रदर्शित अन्य सामग्री से संबंधित तथ्यों का विशेषज्ञों के माध्यम से सत्यापन कराने तथा प्रमाणिक जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय की सराहना करते हुए इसे जनपद की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संग्रहालय से संबंधित सभी अवशेष कार्यों और आवश्यक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि इसे जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोला जा सके।

करीब 67 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण

ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत लगभग 66.90 लाख रुपये की लागत से बागनाथ संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। संग्रहालय में हिंदू धर्म के विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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