समाज के सरोकारों को स्वर देता है केदारखंड ज्योति

पोखरी (चमोली)। साहित्य के जरिए समाज के ज्वलंत मुद्दों को आवाज देने का प्रयास कवि कैलाश चंद्र उप्रेती ‘कोमल’ ने अपने काव्य संग्रह केदारखंड ज्योति में किया है। संग्रह में सामाजिक सरोकारों के साथ प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और बदलते सामाजिक परिवेश को कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है।

कवि कैलाश चंद्र उप्रेती ‘कोमल’ ने बताया कि उनका यह काव्य संग्रह समाज को समर्पित है। इसमें महिला उत्पीड़न, वृद्धाश्रमों में बढ़ती बुजुर्गों की संख्या और बालिकाओं के प्रति संकीर्ण सोच जैसे गंभीर विषयों को कविताओं के माध्यम से उठाया गया है। वहीं प्रकृति की सुंदरता और मानवीय संवेदनाओं को भी संग्रह में प्रमुख स्थान दिया गया है।

वर्तमान में राजकीय इंटर कॉलेज गोदली में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे उप्रेती शिक्षा के साथ साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें देवनागरी सम्मान, साहित्य श्री सम्मान, साहित्य गौरव सम्मान और हिंदी भूषण शिखर सम्मान सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।

उप्रेती का कहना है कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करने का सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से उन्होंने सामाजिक, मानवीय और प्रकृति से जुड़े विभिन्न विषयों को अपनी कविताओं में स्थान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाठक ‘केदारखंड ज्योति’ के जरिए साहित्यिक आनंद के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी विचार करेंगे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कोयला खदानों को देख विकास की एक और तस्वीर से रूबरू हुआ उत्तराखंड का मीडिया दल

Wed Sep 16 , 2026
एसईसीएल की गेवरा खदान में उत्पादन, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन का उत्तराखंड के पत्रकारों ने लिया जायजा मियावाकी तकनीक से दो हेक्टेयर में 20 हजार पौधों का रोपण, कम भूमि में सघन वन तैयार करने की यह तकनीक उत्तराखंड के लिए भी उपयोगी एसईसीएल अगले वर्ष दुनिया की […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!