- जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने सीमांत ग्रामीणों और जवानों को किया नमन
गमशाली (चमोली)। भारत-तिब्बत सीमा से सटे सीमांत गांव गमशाली में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंग गया। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली दौलत सिंह बिष्ट ने बतौर अतिथि प्रतिभाग किया और सीमांत ग्रामीणों के साथ देश की रक्षा में तैनात सेना के जवानों को नमन किया।
इस अवसर पर बिष्ट ने कहा कि सीमांत गांव भारत की सीमा पर बसे महज गांव नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं। यहां रहने वाले ग्रामीण विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन मौसम के बीच भी अपने गांवों में डटे रहकर राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीमा पर सेना के जवान देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति हैं, तो सीमांत नागरिक भी राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सीमांत क्षेत्रों में आबादी का निरंतर रहना देश की सामरिक मजबूती के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीमांत गांवों में दिखाई देने वाला उत्साह देश के प्रति यहां के लोगों की गहरी आस्था और राष्ट्रभक्ति को दर्शाता है। उन्होंने गमशाली सहित अन्य सीमांत गांवों के नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में राष्ट्रगान, ध्वजारोहण और विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों ने उत्साह के साथ कार्यक्रमों में भाग लिया और भारत माता के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा।
सीमांत गांवों में तिरंगे की शान और ग्रामीणों का हौसला देश की ताकत है। सीमाओं की सुरक्षा में सेना के साथ सीमांत नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष, चमोली।

